NALANDA

नालंदा के Rahul Shekhar UPSC में 75वीं रैंक लाकर बने IAS

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कहा जाता है कि अगर इंसान के भीतर कुछ कर गुजरने की सच्ची जिद और जुनून हो, तो सफलता खुद उसके कदम चूमती है। इस कहावत को बिहार की ज्ञान भूमि नालंदा जिले के एक होनहार लाल ने सच कर दिखाया है। हाल ही में घोषित हुए परिणामों में Rahul Shekhar UPSC परीक्षा पास कर पूरे देश में छा गए हैं।

सबसे बड़ी और गर्व की बात यह है कि देश की सबसे कठिन परीक्षा पास करने वाले राहुल एक साधारण बैलगाड़ी चालक और राज मिस्त्री के पोते हैं। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर आज उनका पूरा परिवार, गांव और नालंदा जिला गर्व महसूस कर रहा है। आइए जानते हैं उनके संघर्ष से लेकर आईएएस (IAS) अफसर बनने तक की पूरी कहानी।

UPSC success story: बैलगाड़ी चालक के पोते का Rahul Shekhar UPSC IAS बनने तक का सफर

कतरीसराय प्रखंड के अंतर्गत आने वाले लोहराजपुर गांव के निवासी वृद्ध दादा नारायण महतो आज खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। उनके पोते की यह UPSC success story आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

बातचीत के दौरान राहुल ने बड़े ही गर्व के साथ बताया कि उनके दादाजी कभी परिवार का भरण-पोषण करने के लिए बैलगाड़ी चलाते थे। बैलगाड़ी चलाने के बाद उन्होंने राज मिस्त्री (Mason) का भी काम किया और अपने बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। दादाजी की इसी हाड़-तोड़ मेहनत और संघर्ष को देखकर राहुल के मन में बचपन से ही जीवन में कुछ बड़ा करने की तमन्ना जाग उठी थी।

माता-पिता का मिला शानदार सपोर्ट और एजुकेशनल माहौल

दादा के संघर्षों का ही परिणाम है कि आज राहुल का परिवार एक उच्च शिक्षित मुकाम पर है।

  • पिता का पद: राहुल के पिता बीरेंद्र प्रसाद वर्तमान में उत्तराखंड के पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
  • माता का पद: उनकी माता पूजा कुमारी बिहार के सुपौल जिले में कृषि समन्वयक (Agriculture Coordinator) के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
  • बहन की पढ़ाई: राहुल की एक बहन आकृति भी पंतनगर विश्वविद्यालय से ही वेटरनरी (Veterinary) में पीजी (PG) की उच्च शिक्षा हासिल कर रही हैं।

Nalanda UPSC topper का शानदार एजुकेशनल बैकग्राउंड

यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे Nalanda UPSC topper राहुल शेखर की वर्षों की कड़ी तपस्या और न रुकने वाली जिद शामिल है। उनकी प्रारंभिक स्कूलिंग साल 2014 में नैनीताल से पूरी हुई।

इसके बाद उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) में दाखिला लिया और 2019 में बीटेक (B.Tech) की शानदार डिग्री हासिल की।

आईआईटी से निकलने के बाद राहुल ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा:

  1. साल 2021: इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस (IES) की परीक्षा में पूरे देश में तीसरा (3rd) रैंक हासिल किया और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के लिए चयनित हुए।
  2. साल 2023: नौकरी के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। मेन्स परीक्षा पास की, लेकिन इंटरव्यू से बाहर हो गए।
  3. साल 2024: फिर से प्रयास किया और यूपीएससी में 242वां रैंक लाकर आईआरएस (IRS) के रूप में काम करना शुरू किया। इसी साल आईएफएस (IFS) परीक्षा में भी 46वां रैंक प्राप्त किया।

नौकरी के साथ कैसे करें crack UPSC? (सेल्फ स्टडी का कमाल)

आईआरएस (IRS) और आईएफएस (IFS) जैसी प्रतिष्ठित सेवाएं मिलने के बावजूद, राहुल का मुख्य लक्ष्य आईएएस (IAS) अधिकारी बनना था। अपनी इस जिद को पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी (Job) के साथ-साथ सेल्फ स्टडी (Self Study) जारी रखी।

जो युवा यह सोचते हैं कि नौकरी के साथ पढ़ाई नहीं हो सकती, उनके लिए राहुल एक मिसाल हैं। बेहतरीन टाइम मैनेजमेंट और माता-पिता व दादाजी के निरंतर स्नेह के बल पर उन्होंने बिना किसी महंगी कोचिंग के यह परीक्षा पास की। उन्होंने साबित कर दिया कि सही दिशा में की गई सेल्फ स्टडी से कोई भी छात्र crack UPSC का अपना सपना पूरा कर सकता है।

UPSC 75 rank हासिल कर गांव लोहराजपुर में लाया जश्न का माहौल

लगातार प्रयासों और कभी हार न मानने की अपनी जिद के कारण राहुल ने 2025 की परीक्षा में फिर से छलांग लगाई। इस बार उन्होंने UPSC 75 rank हासिल कर अपने आईएएस बनने के सपने पर अंतिम मुहर लगा दी।

Rahul Shekhar UPSC रिजल्ट की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव लोहराजपुर पहुंची, पूरे इलाके में जश्न और खुशी की लहर दौड़ गई। उनके दादा नारायण महतो की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। दादा, माता, पिता और बहन के अलावा राहुल के चाचा अरविंद प्रसाद, अशोक प्रसाद, मिथिलेश प्रसाद समेत ग्रामीण मुकेश कुमार, अनिल प्रसाद, अर्जुन महतो, सुरेंद्र प्रसाद और कृष्ण मुरारी प्रसाद जैसे कई गणमान्य लोगों ने उन्हें फोन पर बधाइयां दीं।

निष्कर्ष (Conclusion)

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा असीम धैर्य और निरंतरता की मांग करती है। बैलगाड़ी चालक के पोते की यह Rahul Shekhar UPSC जर्नी यह साबित करती है कि अगर आपके इरादे मजबूत हैं और आप असफलता से घबराते नहीं हैं, तो दुनिया की कोई भी मंजिल दूर नहीं है। उनकी यह सफलता बिहार के लाखों युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा (Inspiration) है।

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PRASHANT KUMAR

About PRASHANT KUMAR

A journalist with around eight years of experience in local reporting from Nalanda, focusing on city news, crime, and ground-level stories.

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