बिहार के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल राजगीर और नालंदा घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। बहुत जल्द सैलानी आसमान से राजगीर की वादियों का दीदार कर सकेंगे। पर्यटन विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजगीर हेलीकॉप्टर सेवा (Rajgir Helicopter Service) शुरू करने का बड़ा निर्देश दिया है।
रविवार को पटना के संकल्प सभागार में हुई इस बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।
सब्सिडी रेट पर मिलेगी Rajgir Helicopter Service
बैठक के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यटकों की सहूलियत के लिए राजगीर, कैमूर (करकटगढ़ जलप्रपात) और मां मुंडेश्वरी मंदिर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाए। सबसे खास बात यह है कि पर्यटकों को यह सुविधा अनुदानित (सब्सिडी) दर पर मिलेगी, ताकि आम लोग भी इसका आसानी से लाभ उठा सकें।
पटना से राजगीर के लिए मिलेगी ‘एंड-टू-एंड’ सेवा
पर्यटकों को पटना से राजगीर पहुंचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए एक नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) अब पटना से पर्यटन स्थलों तक ‘एंड-टू-एंड’ (End-to-End) सेवा शुरू करेगा। यानी पटना एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद पर्यटकों को सीधे उनके गंतव्य तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था पर्यटन निगम करेगा।
नालंदा और पावापुरी के विकास का बनेगा मास्टरप्लान
हेलीकॉप्टर सेवा के अलावा नालंदा जिले के ऐतिहासिक स्थलों के लिए भी अहम फैसले लिए गए हैं:
- नालंदा: इसे ज्ञान और संस्कृति के केंद्र के रूप में और विकसित करने के लिए एक विशेष एकीकृत पैकेज (Special Package) तैयार किया जाएगा।
- पावापुरी: जैन धर्म के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल पावापुरी जल मंदिर परिसर के चहुंमुखी विकास के लिए अलग से विशेष कार्ययोजना बनेगी।
- होमस्टे (Homestay): स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए राजगीर और नालंदा के ग्रामीण इलाकों में ‘होमस्टे’ नीति को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पर्यटक स्थानीय संस्कृति को करीब से जान सकें।
बैठक में गया के विष्णुपद और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर का निर्माण जल्द शुरू करने का भी निर्देश दिया गया। इस दौरान पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे।