नालंदा में 304 लाख की लागत से 9 सड़कों का होगा कायाकल्प, देखिये पूरी लिस्ट

बिहारशरीफ | वर्षों पूर्व बनीं ग्रामीण सड़कों की हालत काफी जर्जर है. इनका कायाकल्प करते हुए चकाचक करने की योजना ग्रामीण कार्य विभाग ने बनायी है, जिसके तहत हरनौत डिवीजन (Harnaut Division) के नूरसराय (Noorsaray Road) एवं हरनौत प्रखंड की ग्रामीण सड़कों का चयन किया गया है. इन सड़कों को अच्छी क्वालिटी के साथ निर्माण किया जायेगा और उसे चकाचक किया जायेगा.

शहर की सड़कों का रखरखाव भी बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति के तहत पांच वर्षों तक संबंधित संवेदक को ही करना होगा. इन ग्रामीण सड़कों के निर्माण में ग्रामीण कार्य विभाग 304 लाख रुपये खर्च करेगा, जिससे कुल करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क बनायी जायेगी. इसके लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है और अगस्त की 18 तारीख तक निविदा की प्रक्रिया पूरी कर लेने की संभावना है.

ग्रामीण कार्य विभाग हरनौत डिवीजन ने कई प्रखंडों के ग्रामीण सड़कों का निर्माण कराया है. इस दौरान नूरसराय प्रखंड के तीन और हरनौत प्रखंड की छह ग्रामीण सड़कों को कायाकल्प कर चकाचक कर दिया जायेगा. इसमें नूरसराय प्रखंड में 6 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जायेगा.

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नूरसराय प्रखंड में बनने वाली सड़कें

  1. डुमरावां बहापुर से पपरनौसा तक – 1.81 किलोमीटर
  2. नूरसराय हिलसा रोड से कोकलक चक तक – 1.65 किमी
  3. कुंडलपुर दीपनगर से नत्थाचक बेगमपुर – 2.210 किमी

हरनौत में बनने वाली सड़कें

  1. चेरो बहादुरपुर रोड से बलवा पर तक – 0.704
  2. हरनौत जल गोविंद पथ से तीरा तक – 2.30 किमी
  3. NH 30 A से किचनी पश्चिम टोला तक – 0.442 किमी
  4. NH 30 A  से किचनी पूरब टोला तक – 0.609 किमी
  5. एनएच 30 ए से लोहरा तक – 1.426 किमी
  6. लोहारा निजाय पथ से भाथा तक – 3.80 किलोमीटर

सड़कों के दोनों किनारों पर लगेंगे पौधे

कायाकल्प बाद शहर की सड़कों की तरह गांवों की सड़कें दिखने लगेंगी. इन पथों के निर्माण हो जाने के बाद संवेदक को पांच वर्षों तक रखरखाव भी करना होगा, ताकि जब भी कहीं टूट-फूट जाये, तो उसे शीघ्र मरम्मत करायी जाये. निर्माण कार्य मे ही संवेदक को पांच वर्षों के लिए रखरखाव का खर्च भी सन्निहित है.

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ग्रामीण कार्य विभाग इन सड़कों के निर्माण के लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू करा दी है. सड़क के दोनों ओर पौधारोपण भी किया जाना है, ताकि आने-जाने वाले राहगीरों को भविष्य में छांव का लाभ मिल सके. जल-जीवन-हरियाली के तहत सड़क के दोनों ओर पौधारोपण संवेदक को अनिवार्य कर दिया गया है.

क्या कहते हैं अधिकारी

रामेश्वर प्रसाद सिंह, एक्जीव्यूटिव इंजीनियर, (ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल हरनौत) बताते है कि ग्रामीण सड़कों की हालत काफी जर्जर है. वर्षो पूर्व बनायी गयी सड़कें मरम्मत के अभाव में जर्जर हो गयी थीं, जिसे विभाग कायाकल्प कर चकाचक करने योजना पर काम शुरू कर दिया है. सब कुछ ठीक-ठाक रहा और मौसम साथ दिया, तो अगले वर्ष तक सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जायेगा . इससे ग्रामीणों का आवागमन आसान हो जायेगा.

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