October 27, 2026
RajgirBihar News

राजगीर और मुंगेर में बनेगा बिहार का पहला डिफेंस कॉरिडोर

Defence Corridor

बिहार में अब पहला डिफेंस कॉरिडोर (Defence Corridor) बनने जा रहा है। राज्य अब केवल कृषि और बुनियादी उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की रक्षा सुरक्षा और रक्षा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में भी अपना परचम लहराएगा। पटना में आयोजित एक मीडिया संवाद के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बेहद अहम और ऐतिहासिक ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की तर्ज पर अब बिहार के राजगीर (नालंदा) और मुंगेर में यह कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर बड़ा ऐलान

केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पटना के एक निजी होटल में इस मीडिया संवाद का आयोजन किया गया था। इस दौरान सम्राट चौधरी ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ बिहार के औद्योगिक भविष्य का पूरा खाका पेश किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘विकसित भारत’ के साथ-साथ ‘समृद्ध बिहार’ बनाना एनडीए सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य है, और इसी औद्योगिक क्रांति में यह डिफेंस कॉरिडोर एक मील का पत्थर साबित होगा।

राजगीर और मुंगेर में ही ‘डिफेंस कॉरिडोर’ क्यों?

सम्राट चौधरी ने कहा, “एक समय था जब डिफेंस के क्षेत्र में बिहार के बारे में कोई सोचता भी नहीं था। लेकिन अब देश में डिफेंस कॉरिडोर बनने शुरू हो गए हैं। यूपी और महाराष्ट्र ने इस काम को तेजी से आगे बढ़ाया है। इसी को देखते हुए बिहार सरकार ने तय किया है कि राजगीर और मुंगेर के इलाके में इसे विकसित किया जाएगा।” मुंगेर का इतिहास पहले से ही हथियार निर्माण (गन फैक्ट्री) से जुड़ा रहा है, वहीं नालंदा के राजगीर में आयुध निर्माणी (Ordnance Factory) पहले से ही देश की रक्षा जरूरतों को पूरा कर रही है।

युवाओं के लिए रोजगार और सिंगल विंडो क्लीयरेंस

इस डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण से राजगीर और इसके आसपास के इलाकों में विकास की आंधी आएगी। रक्षा उपकरण बनाने वाली देशी और विदेशी कंपनियां राजगीर और मुंगेर का रुख करेंगी, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।

अपने संबोधन के अंत में सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि बिहार में अब निवेशकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। नई नीति के तहत निवेश के लिए आवेदन करने के मात्र 30 दिन के अंदर सभी प्रकार के आवश्यक क्लीयरेंस (Single Window Clearance) ऑटोमैटिक मिल जाते हैं। इससे डिफेंस कॉरिडोर में निवेश करने वाली कंपनियों को भारी सहूलियत मिलेगी।

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लेखक

Prashant Kumar

प्रशांत कुमार नालंदा के एक अनुभवी पत्रकार हैं। स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक हलचल और अपराध जगत की हर छोटी-बड़ी खबर को पूरी निष्पक्षता और सटीकता के साथ सामने लाना ही इनका मुख्य उद्देश्य है।

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